Thursday, September 17, 2009

अपने को क्या मतलब है

एक भाई साहब नई मोटर साइकिल ले कर जा रहे थे पीछे की सीट पर एक मित्र भी बैठा था, सड़क पर बहुँत गड्ढे थे तो भाई साहब बोले यार ये नेता लोग जनता का सारा पैसा खा रहे है, थोड़ा पैसा इन सडको पर भी खर्च कर दे तो, गाडिया ठीक रहेगी और एक्सीडेंट भी कम हो जायंगे, तो मित्र बोला यार तेरे सोचने से क्या होगा तू तो बस जिस काम के लिए जा रहे है उसके बारे मैं सोच, तो भाई साहब ने कहा की हा यार पता नही आज भी नेताजी मिलेगे या नही उनको खुश कर दे तो टेंडर हमे मिल सकता है अब टेंडर रेट भी बहुत कम कर दिया है और सभी नेता और अफसरो की भी जेबे गरम कर दी है, अब सड़क के लिए मटेरिअल सप्लाई में घटिया माल ही देना पड़ेगा और फिर सडके तो ऐसे ही बनेगी, अब छोड़ो यार हमको इससे क्या मतलब है अपने बाप क्या क्या जाता है जब नेता और ऑफिसर ही देश के बारे मैं नही सोचते तो हम क्यू सोचे, हमारा ठेका सड़क बनाने का देश बनने का थोड़े ही है, सड़क अच्छी हो या घटिया अपने बाप का क्या जाता है हम तो बिज़नस मैंन है हमको इन सब चीजो से क्या मतलब है|

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